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BIHAR WEATHER: बिहार में फिर सक्रिय हुआ मानसून, 26 जिलों में बारिश का अलर्ट; 11 जिलों में भारी बारिश की चेतावनी

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Alam Ki Khabar | Bihar News | Patna News | Samastipur News | बिहार में मानसून फिर सक्रिय हो गया है। 26 जिलों में बारिश का अलर्ट जारी है, जबकि कई जिलों में भारी बारिश, तेज हवा और वज्रपात की चेतावनी दी गई है।

डेस्क, पटना, 30 अगस्त। बिहार में मानसून एक बार फिर सक्रिय हो गया है। राज्य के कई हिस्सों में बारिश का दौर तेज होने के साथ मौसम विभाग ने 26 जिलों के लिए अलर्ट जारी किया है। इनमें 11 जिलों में भारी बारिश की चेतावनी दी गई है, जबकि 15 जिलों में हल्की से मध्यम बारिश को लेकर येलो अलर्ट जारी किया गया है। बारिश के दौरान आकाशीय बिजली गिरने और तेज हवाएं चलने की भी आशंका जताई गई है।

मौसम में आए इस बदलाव से गर्मी और उमस से परेशान लोगों को राहत मिलने की उम्मीद है। हालांकि तेज बारिश और वज्रपात की संभावना को देखते हुए लोगों से सावधानी बरतने की अपील की गई है।

11 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट

भारी बारिश की चेतावनी वाले जिलों में पश्चिमी चंपारण, पूर्वी चंपारण, गोपालगंज, सीवान, सारण, बक्सर, भोजपुर, कैमूर, रोहतास, अरवल और औरंगाबाद शामिल हैं।

इन जिलों में कुछ स्थानों पर कम समय में तेज बारिश होने की संभावना है। बारिश के साथ तेज हवा और गरज-चमक की स्थिति भी बन सकती है। ऐसे मौसम में लोगों को खुले स्थानों पर जाने से बचने की सलाह दी गई है।

समस्तीपुर और पटना समेत 15 जिलों में येलो अलर्ट

हल्की से मध्यम बारिश की संभावना को देखते हुए सीतामढ़ी, शिवहर, मुजफ्फरपुर, मधुबनी, दरभंगा, वैशाली, समस्तीपुर, पटना, जहानाबाद, नालंदा, नवादा, गया, बेगूसराय, शेखपुरा और लखीसराय में येलो अलर्ट जारी किया गया है।

समस्तीपुर सहित उत्तर बिहार के कई इलाकों में बादल छाए रहने और बीच-बीच में बारिश होने की संभावना है। पटना में भी अगले कुछ दिनों तक मौसम में बदलाव बना रह सकता है।

40 किलोमीटर प्रति घंटे तक चल सकती है हवा

अलर्ट वाले इलाकों में बारिश के दौरान तेज हवाएं चलने की संभावना है। हवा की रफ्तार करीब 40 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। इसके साथ ही मेघगर्जन और ठनका गिरने का खतरा भी बना रहेगा।

वज्रपात के दौरान लोगों को पेड़, बिजली के पोल और खुले मैदान से दूर रहने की जरूरत है। विशेष रूप से किसानों और ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को मौसम की चेतावनी को गंभीरता से लेने की सलाह दी गई है।

पिछले 24 घंटे में कई इलाकों में जोरदार बारिश

बीते 24 घंटे के दौरान बिहार के कई जिलों में अच्छी बारिश हुई। गया जिले के मोहरा और अत्री में सबसे अधिक 138.4 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई।

सीवान के रघुनाथपुर में 118.2 मिलीमीटर, औरंगाबाद के गोह में 114.8 मिलीमीटर, अररिया के फारबिसगंज में 112.4 मिलीमीटर और नालंदा के सिलाव में 92.6 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड की गई।

पटना जिले के मसौढ़ी में 85 मिलीमीटर तथा किशनगंज के टेढ़ागाछ में 76.2 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई।

पटना में अगले कुछ दिनों तक छाए रहेंगे बादल

राजधानी पटना में भी मौसम का मिजाज बदलने वाला है। 30 और 31 अगस्त को अधिकतम तापमान करीब 33 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है। रात का तापमान 27 से 28 डिग्री के आसपास रह सकता है।

एक सितंबर से तापमान में हल्की गिरावट शुरू हो सकती है। दो सितंबर तक अधिकतम तापमान करीब 31 डिग्री और न्यूनतम तापमान 26 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने का अनुमान है।

बारिश के बावजूद बिहार में 41 प्रतिशत की कमी

मानसून सक्रिय होने के बावजूद इस सीजन में बिहार में अब तक सामान्य से काफी कम बारिश हुई है। राज्य में अभी तक करीब 447.2 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई है, जबकि सामान्य आंकड़ा 762.5 मिलीमीटर है।

इस हिसाब से राज्य में सामान्य से करीब 41 प्रतिशत कम बारिश हुई है। यानी ताजा बारिश के बाद भी मानसून की कमी पूरी होने में अभी काफी अंतर बना हुआ है।

जिलों में बारिश की तस्वीर बेहद असमान

बिहार में बारिश का वितरण इस बार बेहद असमान रहा है। कुछ जिलों में सामान्य से कई गुना अधिक बारिश हुई, जबकि कई जिले अब भी बारिश की कमी से जूझ रहे हैं।

अरवल में सामान्य से 640 प्रतिशत अधिक और गया में 591 प्रतिशत अधिक बारिश दर्ज की गई है। अररिया में भी सामान्य से 357 प्रतिशत अधिक तथा सीवान में 123 प्रतिशत अधिक बारिश हुई है।

इसके विपरीत समस्तीपुर में सामान्य से करीब 95 प्रतिशत कम बारिश दर्ज की गई है। वैशाली में 83 प्रतिशत, सीतामढ़ी में 74 प्रतिशत, पश्चिमी चंपारण में 74 प्रतिशत और पूर्वी चंपारण में 72 प्रतिशत बारिश की कमी बताई गई है।

किसानों के लिए बारिश महत्वपूर्ण

मानसून की सक्रियता किसानों के लिए महत्वपूर्ण है। जिन इलाकों में बारिश की कमी बनी हुई है, वहां आने वाली बारिश से खेतों को फायदा मिल सकता है। हालांकि बहुत कम समय में अत्यधिक बारिश होने पर निचले इलाकों में जलजमाव और फसलों को नुकसान की स्थिति भी पैदा हो सकती है।

मौसम विभाग के अलर्ट को देखते हुए प्रशासन और आम लोगों दोनों को सतर्क रहने की जरूरत है। खासकर वज्रपात के दौरान सावधानी बरतना बेहद जरूरी है।

अगले कुछ दिनों तक बिहार में मौसम का मिजाज पूरी तरह साफ रहने की संभावना नहीं है। अलग-अलग हिस्सों में बारिश का दौर जारी रह सकता है। ऐसे में लोगों को स्थानीय मौसम चेतावनी पर नजर रखने और खराब मौसम के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह दी जाती है।

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संपादकीय टिप्पणी

बारिश आई, लेकिन सवाल अभी बाकी है

बिहार में मानसून की सक्रियता निश्चित रूप से राहत की खबर है, लेकिन राज्य में बारिश का असमान वितरण चिंता का विषय बना हुआ है। एक तरफ कुछ जिलों में सामान्य से कई गुना अधिक बारिश हुई है, तो दूसरी तरफ समस्तीपुर समेत कई जिलों में बारिश की भारी कमी बनी हुई है।

इस स्थिति में केवल राज्य का औसत बारिश का आंकड़ा देखकर वास्तविक तस्वीर को समझना मुश्किल है। जिस किसान के खेत में पर्याप्त पानी नहीं पहुंचा, उसके लिए मानसून की सक्रियता तभी मायने रखेगी जब उसके इलाके में भी अच्छी बारिश हो।

भारी बारिश और वज्रपात की चेतावनी के बीच प्रशासन की जिम्मेदारी भी बढ़ जाती है। निचले इलाकों में जलजमाव, ग्रामीण सड़कों की स्थिति, बिजली आपूर्ति और किसानों की फसलों पर नजर रखना जरूरी है।

आम लोगों को भी मौसम विभाग की चेतावनी को गंभीरता से लेना चाहिए। वज्रपात के दौरान खुले मैदान, पेड़ और बिजली के खंभों से दूरी बनाना जरूरी है।

बारिश बिहार के लिए इस समय सिर्फ मौसम की खबर नहीं है। यह खेती, जलसंकट और ग्रामीण अर्थव्यवस्था से सीधे जुड़ा मुद्दा है। इसलिए उम्मीद यही है कि आने वाले दिनों की बारिश राज्य में बनी कमी को कुछ हद तक पूरा करेगी और किसानों को राहत देगी।

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